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रात के भोजन के बाद ओरछा आश्रम में बिगड़ी छात्रों की तबियत,14 बच्चे बीमार पखांजूर अस्पताल में  इलाज़ जारी

रात के भोजन के बाद ओरछा आश्रम में बिगड़ी छात्रों की तबियत,14 बच्चे बीमार पखांजूर अस्पताल में इलाज़ जारी

 

खिलेश्वर नेताम ब्यूरो प्रमुख बस्तर- जिले के अंतिम छोर में बसे ओरछा गांव के बालक आश्रम में पिछले 5 दिन से रात के भोजन के बाद वहां के छात्रों की अचानक तबीयत बिगड़ने का सिलसिला जारी है । छात्रों को उल्टी दस्त के साथ बुखार भी आ रहा है । बड़ी संख्या में छात्रों की तबीयत बिगड़ने के बाद भी यह घटना दबी हुई थी । इसका खुलासा तब हुआ जब 14 बच्चों को एक साथ मंगलवार सुबह संजीवनी वाहन से पखांजूर सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया । सभी छात्रों का इलाज चल रहा है । अब तक आश्रम छात्रों ने जो शिकायत की है उसके अनुसार उन्हें रात के भोजन के बाद ही पेट दर्द , उल्टी व दस्त की शिकायत हो रही है । दोपहर के भोजन के बाद स्थिति सामान्य रहती है । 

ओरछा गांव के बालक आश्रम में पहली से पांचवी तक के कुल 22 बच्चे अध्ययनरत हैं । इनमें से कुछ बच्चों को पांच दिन पूर्व रात के भोजन के बाद उल्टी दस्त की शिकायत हुई थी । सुबह तक वे ठीक भी हो गए थे । अगले दिन फिर रात को भोजन के बाद तबीयत बिगड़ गई । बोलेरो वाहन किराए में लेकर उल्टी दस्त से ग्रसित बच्चों को झपानार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज के लिए लाया गया था । यहां दो दिन रखने के बाद भी स्वास्थ्य में सुधार नहीं आया तो उन्हें कुरेनार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शिफ्ट किया गया । इस दौरान बच्चों की संख्या बढ़कर 15 हो गई । एक दिन यहां भी इलाज के बाद कोई सुधार नहीं हुआ तो मंगलवार को कुरेनार से संजीवनी वाहन से 14 बच्चों को पखांजूर सिविल अस्पताल लाया गया जहां सभी को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है । 

इन बच्चों को अस्पताल में किया गया है भर्ती : अस्पताल में विनोद कवाची , सकुलू बेरदा , दुर्गेश कवाची , रोहन पुड़ो , रोहित उतराम , सुमित उईके , विजय कवाची , दुर्गेश आंचला को उल्टी , प्रकाश कवाची को बुखार और दीपक उईके , विशाल नरेटी , विक्की नरेटी , संजित नरेटी व एक अन्य को दस्त की शिकायत के साथ भर्ती कराया गया है । सभी की उम्र 10 से 12 साल है । 


सुबह व रात में बच्चों को परोसा जा रहा है सिर्फ दाल और चावल :-

प्रारंभिक पूछताछ में छात्रों ने बताया कि भोजन में सुबह दाल चावल और रात में भी दाल चावल ही परोसा जाता है । एक दिन बीच में आलू सब्जी दी गई थी । सुबह जब यही भोजन करते हैं तो सभी का स्वास्थ्य ठीक रहता है । रात में भोजन करने के बाद उल्टी के साथ पेट दर्द होने लगती है । छात्रों की मानें तो यही भोजन आश्रम के अन्य छात्र भी करते हैं लेकिन उनक तबीयत ठीक है । मांस मटन या मछली नहीं परोसा जा रहा है । यह फूड प्वाइजनिंग है या कुछ और कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।


आश्रम अधिक्षक बोले परोसते हैं ताजा भोजन, दाल और चावल के साथ कभी - कभी देते हैं सब्जी:-

आश्रम अधीक्षक कमल मंडावी ने कहा छात्रों को प्रतिदिन दोनों समय ताजा व गर्म भोजन ही परोसा जाता है । दाल चावल के अलावा कभी - कभी सब्जी भी देते हैं । भोजन सभी छात्र करते हैं । लेकिन कुछ की ही तबीयत बिगड़ी है। पीएचसी के डाक्टर ने भी भोजन की जांच की थी लेकिन उन्हें भी कोई गड़बड़ी भोजन में नहीं मिली ।


इलाके में पहले भी हो चुकी है ऐसी ही घटना: 

 परलकोट में इससे पहले आश्रम - छात्रावासों में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं । पहले एक छात्रावास में पैसे बचाने के चक्कर में खराब पंकाज मछली छात्रों को भोजन में परोसी गई थी जिसे खाने वाले छात्रों की तबीयत बिगड़ थी । बारीकी से जांच में दूषित भोजन परोसने का मामला सामने आया था।

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