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फेडरेशन के आंदोलन में प्रदेश के हजारों स्वास्थ्य संयोजक भी शामिल

फेडरेशन के आंदोलन में प्रदेश के हजारों स्वास्थ्य संयोजक भी शामिल

 

मनीराम सिन्हा नरहरपुर- प्रदेश के लाखो कर्मचारी महंगाई भत्ता और गृह भाड़ा भत्ता की मांग को लेकर 25 से 29 जुलाई तक काम बंद कलम बंद आंदोलन  कर रहे है ,  ऐसे में आंदोलन के बीच में भूपेश सरकार ने प्रदेश के लाखो अधिकारियों , कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा करते हुए मंत्रियों और विधायकों के वेतनमान में बढ़ोत्तरी कर दिया है, और बढ़ोत्तरी 5 या 10 प्रतिशत नही 70 से 90 प्रतिशत यानी लगभग दुगुना वेतन पाने की तैयारी किया गया है। स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष टार्जन गुप्ता और प्रदेश सचिव प्रवीण ढीडवंशी ने बताया की माननीय लोगो का दूसरी बार वेतन बढ़ोत्तरी कर और वो भी ऐसे समय में जब प्रदेश के लाखो कर्मचारी महंगाई भत्ता और गृह भत्ता के लिए सड़कों पर  आंदोलन कर रहे है जले में नमक डालने जैसा है। जनसेवा के नाम पर सत्ता में आने के बाद मकान, बिजली , बंगला , पेट्रोल , डीजल , और बहुत से भत्ते फ्री होने के बाद भी जनता और कर्मचारियों के बारे में सोचना छोड़कर अपनी जेब गरम कर रहे है। 

प्रदेश उपाध्यक्ष हरीश जयसवाल और आई टी सेल प्रभारी सुरेश पटेल ने बताया की अन्य राज्यो की सरकारों ने अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता के लिए निराश नहीं किया है किंतु छत्तीसगढ़ के इतिहास में या भारत देश के इतिहास में किसी राज्य में महंगाई भत्ता के लिए कर्मचारियों को आंदोलन करना नही पड़ा है। प्रदेश प्रचार प्रसार मंत्री प्रकाश सिन्हा ने कहा की की सरकार का कर्मचारियों के प्रति रवैया समझ से बाहर है , कर्मचारियों के लिए बड़े बड़े वादे करके , उनकी मांगों को घोषणा पत्र में शामिल करके अपने कार्यकाल में किसी कर्मचारी का वेतनविसंगती दूर नहीं कर पाई है । प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मचारियों को कोरोना योद्धा की संज्ञा तो दे दिया लेकिन ना उनकी वेतन विसंगति दूर हुई और न ही घोषणा होने के बाद भी विशेष कोरोना भत्ता दिया गया। इसलिए प्रदेश के हजारों स्वास्थ्य संयोजकों ने अपने हितों और अधिकारों को पाने के लिए फेडरेशन के साथ संघर्ष में कदम से कदम मिलाकर लड़ने का फैसला किया है।

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