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मुख्यमंत्री ने धुर नक्सल क्षेत्र दुर्गूकोदल में लगाई जन चौपाल, भानुप्रतापपुर के भानबेड़ा में भी ग्रामीणों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री ने धुर नक्सल क्षेत्र दुर्गूकोदल में लगाई जन चौपाल, भानुप्रतापपुर के भानबेड़ा में भी ग्रामीणों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

 

संतोष बाजपेयी ब्यूरो प्रमुख कांकेर- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का हेलीकाप्टर शुक्रवार को कांकेर जिले के धुर नक्सल क्षेत्र दुर्गुकोंदल में उतरा,  मुख्यमंत्री ने यहां जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना, उन्होंने मुख्यतः छत्तीसगढ़ शासन की नरवा घुरवा बाड़ी, गोधन योजनाओं सहित किसानों की योजनाओं,उन्हें राजीव न्याय योजना अंतर्गत मिलने वाली राशि, ऋण माफी, वनोपज से मिलने वाले लाभ, जाति, निवास प्रमाण पत्र, वन भूमि अधिकार पत्र के बारे में जानकारी ली। अधिकांश ग्रामीणों ने इन योजनाओं के बारे में अपनी सन्तुष्टि जाहिर की। कई किसानों ने पूर्ण ऋण माफी, धान का उचित मूल्य व लाभांश मिलने तथा राजीव न्याय योजनान्तर्गत सहायता मिलने की बात कही।इसके पूर्व सीएम ने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र निरीक्षण किया। तथा मुफ्त व जेनेरिक औषधि केंद्र का जायजा लिया।

 इसके बाद मुख्यमंत्री ने सभा स्थल के पास ही स्थित पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष के घर मे आदिवासी पारंपरिक भोजन किया। भोजन दोना पत्तल में परोसा गया था, और स्थानीय भाजी, मड़िया पेज , आमा चटनी जैसे व्यंजन इसमें शामिल थे। 

इसके बाद सीएम ने भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के भानबेड़ा में चौपाल लगाई, यहां भी भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए थे, सीएम ने एक एक कर काफी लोगों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को जाना तथा शासन की योजनाओं की जानकारी ली।

भानबेड़ा में सीएम ने दिशा स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा बनाए महुआ के लड्डुओं का स्वाद लिया। और इसकी खूब तारीफ की।

महुआ संकलन की विधि बताई

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महुआ और चिरौंजी संकलन के लिए दक्षिण बस्तर में अपनाई जाने वाली विधि ग्रामीणों से साझा की। उन्होंने बताया कि दक्षिण बस्तर  प्रवास के दौरान  मैंने देखा कि वहां कई ग्रामीण महुआ और चार के पेड़ों के नीचे नेट लगा देते हैं। इससे उन्हें इन वनोपजों को चुनना नहीं पड़ता। और क्वालिटी भी बहुत अच्छी रहती है। साथ ही वृक्षों को भी नुकसान नहीं पहुंचाया जाता। सीएम ने कहा कि पारम्परिक तरीकों में कई स्थानों पर महुआ के पेड़ों के नीचे आग लगा दी जाती है, जो जंगल मे फैल जाती है, जिससे काफी नुकसान होता है। वहीं चार के संकलन के लिए अधिकतर लोग पेड़ों को ही काट देते हैं, जो कि गलत है। सीएम ने दक्षिण बस्तर के तरीका अपनाने की अपील स्थानीय लोगों से की। ताकि वनोपज की अच्छी कीमत भी मिले और वृक्षों का नुकसान भी ना हो।

दिव्यांग बच्ची के आग्रह पर कनेचुर में हायर सेकेंडरी स्वीकृत

भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम कनेचुर की दिव्यांग छात्रा ने मुख्यमंत्री से कहा कि उसे आगे पढाई करने के लिए उसके गांव में हायरसेकंडरी स्कूल खोलने की मांग की, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार करते हुए तुरन्त इसकी घोषणा कर दी। छात्रा ने कहा कि उसके गांव में दसवीं तक स्कूल है, और वह आगे पढ़ने के लिए बाहर नहीं जा सकती है। दिव्यांग होने की वजह से वह दूसरों पर आश्रित नहीं रहना चाहती और अपने गांव में ही रहकर पढ़ना चाहती है, मुख्यमंत्री ने भानबेडा में सामुदायिक भवन निर्माण एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भानबेडा का 10 बिस्तर से बढ़ाकर 20 बिस्तर अस्पताल उन्नयन ,नगर पंचायत भानुप्रतापपुर में मुक्ति धाम का निर्माण ,गोठा से परवी मार्ग पर नवीन पुलिया का निर्माण, 5 गांव में सोलर लाइट लगाने की घोषणा, मुंगवाल भैंसाकान्हार तथा चीजगांव के हाई स्कूलों का हायर सेकेंडरी स्कूल में किया उन्नयन और भी कई घोषणाएं किए गए

मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया, विधानसभा उपाध्यक्ष व भानुप्रतापपुर विधायक मनोज मण्डावी, युकां  पूर्व प्रदेशाध्यक्ष पूर्णचन्द्र कोको पाढ़ी, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमन्त ध्रुव, भानुप्रतापपुर विधायक मनोज मांडवी जी के निजी सचिव कृष्ण टेकाम ,बीरेश रो ठाकुर, नगर पंचायत भानुप्रतापपुर अध्यक्ष सुनील बबला पाढ़ी, प्रदेश कार्यकारी सरपंच संघ के अध्यक्ष एवं कराठी पंचायत के सरपंच चेतन मरकाम,  सहित कई कांग्रेसी मौजूद थे।

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