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भारतीय जनता पार्टी मंडल भानुप्रतापपुर मन की बात कार्यसमिति आपातकाल पर संगोष्ठी मे मुख्य वक्ता रहे पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा

भारतीय जनता पार्टी मंडल भानुप्रतापपुर मन की बात कार्यसमिति आपातकाल पर संगोष्ठी मे मुख्य वक्ता रहे पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा

 

संतोष बाजपेयी ब्यूरो प्रमुख कांकेर- भानुप्रतापपुर  भारतीय जनता पार्टी मंडल भानुप्रतापपुर के द्वारा 26 जून को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 90 वी मन की बात मंडल अध्यक्ष बुधनू पटेल के अध्यक्षता में संपन्न हुई, साथ ही देश में 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लोकतंत्र की हत्या करते हुए देश पर जबरन थोपे गए आपातकाल के बारे में कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अनुसूचित जनजाति  आयोग के पूर्व अध्यक्ष पूर्व विधायक भानुप्रतापपुर सम्माननीय देवलाल दुग्गा ने कहा कि कांग्रेस के इस आपातकाल के इस काले अध्याय के लिए कांग्रेस पार्टी को जनता से माफी मांगनी चाहिए आपातकाल लगने वाला दिन काला दिन था जिसे तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इतिहास के पन्नों को भी काला करने का काम किया  गया । आपातकाल में इंदिरा सरकार ने  मनमानी करते हुए जनसंघ के बड़े नेताओं को जहां जेल में बंद कर दिया था वही मीडिया पर लगाम लगाने मीडिया संस्थानों में ताला लगवा दिया आपातकाल में जनता के बोलने की आजादी छीन ली गई इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा इंदिरा गांधी के चुनाव को अवैध ठहराने के बाद इंदिरा गांधी द्वारा मनमानी तानाशाही रवैया अपनाते हुए अपनी कुर्सी बचाने के लिए देश पर जबरदस्ती आपातकाल थोपा  गया फैसला देने वाले जज वकील को तरह-तरह के प्रलोभन दिए गए और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व कांग्रेस पार्टी द्वारा इस दौरान हर वो काम किया गया जो पूर्णता अवैध था आपातकाल में चुनाव स्थगित कर नागरिकों के अधिकारों का दमन किया गया। लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने इसे भारतीय इतिहास की सर्वाधिक काली अवधि कहा आपातकाल की घोषणा के साथ ही आर एस एस के स्वयं सेवकों व तमाम गैर कांग्रेसी नेताओं की गिरफ्तारी शुरू हो गई विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाते हुए जेल में बंद कर प्रताड़ित किया गया आपातकाल के युद्ध सत्याग्रह करने वाले लाखों लोगों को जेल भेज दिया गया।

लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जी देसाई, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, अरुण जेटली, मलकानी, जॉर्ज फर्नांडिस, नीतीश कुमार, रामविलास पासवान, शरद यादव, छत्तीसगढ़ में सच्चिदानंद उपासने सहित हजारो नेताओं को जेल में डाल दिया गया त्याग और बलिदान से प्राप्त आजादी और लोकतंत्र को कांग्रेश प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आधी रात को खत्म कर देश का तानाशाही के रास्ते पर धकेल दिया जहां से 1947 में भारत आया था जो आज की पीढ़ी है उन्हें किस प्रकार आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की आजादी को भी बुरी तरह कुचल दिया गया लोगों को नसा बंदी की गई मीडिया पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया आपातकाल के तुरंत बाद बिजली काट दी गई ताकि आपातकाल के बारे में कोई खबर 370 के तहत जेल में बंद कर दिया गया विदेशी को जेल से बाहर जाने का आदेश दे दिया उसके ऑफिस के टेलीफोन कनेक्शन काट दिए गए जो कांग्रेसी याद करते हैं उन्हें याद कर लेना चाहिए इस  पर प्रकाश डालते हुए  पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष निखिल सिंह राठौर ने कहा कि यह काला अध्याय सभी जनमानस में कांग्रेश की इस कारनामे की जानकारी  जन जन को होनी चाहिए किसान मोर्चा के प्रदेश सद्स्य नरोत्तम चौहन जी ने भी संगठन की बात को रखते हुए कही इस बैठक में मंडल के प्रभारी देवेंद्र भाऊ भी अपने उद्बोधन में 25 जून 1975 को काला अध्याय के रूप में बताया इस बैठक में मुख्य रूप से अनुसूचित जनजाति मोर्चा के कोषाध्यक्ष छत्र प्रताप दुग्गा जी  जिला कार्यालय मंत्री रत्नेश सिंह मंडल कोषाध्यक्ष अरविंद जैन मंडल महामंत्री डीगेश खापर्डे  कोषाध्यक्ष ललित गांधी महिला मोर्चा की प्रदेश सदस्य रजिंद्र  रंधावा नगर पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश गावडे युवा मोर्चा के मंडल संकेत नशीनें एमपी शुक्ला झुग्गी झोपड़ी के कोषाध्यक्ष रमेश तिवारी  झुग्गी झोपड़ी के जिला सदस्य मंदा सांवले, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष सरिता जोशी, महिला मोर्चा महामंत्री संगीता टांडिया, मंत्री उर्मिला जसूजा त्रिवेणी,  युवा मोर्चा महामंत्री जागेश्वर नरेटि,  एनजीओ प्रकोष्ठ जिला सह संयोजक संतोष बाजपेयी, पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष ईश्वर साहू, मंडल के पार्षद मिलन साहू, रामेश्वर जैन, प्रदेश मीडिया प्रभारी वरुण खापर्डे, जगन्नाथ साहू, युवा मोर्चा के महामंत्री आकाश सोलंकी, युवा मोर्चा के मीडिया प्रभारी अंकुर शुक्ला, आदि कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे |

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