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डोंगरगढ़ लगभग 6 सालों से पेंडिंग मामलों को तहसीलदार के द्वारा कम समय में किया गया  निराकरण

डोंगरगढ़ लगभग 6 सालों से पेंडिंग मामलों को तहसीलदार के द्वारा कम समय में किया गया निराकरण



 महेंद्र शर्मा बन्टी- राजनांदगांव जिले के धर्म नगरी डोंगरगढ़ विकासखंड के  तहसील में लगभग 6 सालों से रुके हुए 1000 से ज्यादा प्रकरणों को डोंगरगढ़ के  तहसीलदार राजू पटेल के द्वारा छै से आठ महीनों में निराकरण कर आम जनों के चेहरों पर खुशी लौटाने का कार्य किया गया है।

जब से धर्म नगरी डोंगरगढ़ में तहसीलदार राजू पटेल की नियुक्ति हुई है उसके बाद से लगातार राजस्व से संबंधित विलंबित प्रकरणों को निपटाने का कार्य किया जा रहा है ।यह ऐसे तहसीलदार हैं जिनके द्वारा अपने काम को ज्यादा महत्व दिया जाता है या आप यह कह सकते हैं कि ऐसा तहसीलदार जो प्रतिदिन ऑफिस में आम जनों की परेशानियों का निराकरण करने का कार्य करते है ।


इनसे पहले तहसील ऑफिस में राजस्व के प्रकरणों को लेकर काफी भीड़ लगी रहती थी परंतु इनके आने के बाद 6 से 8 महीनों के अंदर तहसील ऑफिसों में राजस्व संबंधित प्रकरण को तहसीलदार के द्वारा विवादित नामांतरण अविवादित नामंत्रण, नक्शा खसरा सुधार, सीमांकन, विवादित बटवारा, अविवादित बटवारा, अतिक्रमण के मामले,अनधिकृत रूप से बेदखल किए भूमि का पूर्ण विस्थापन के मामले, कोटवार नियुक्ति,शोध चिंता प्रमाण पत्र (सॉल्वेंसी) साहूकारी लाइसेंस ,विविध राजस्व प्रकरण ,आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र ,जाति प्रमाण पत्र अस्थाई ,विवाह अनुमति लॉकडाउन अवधि में ऐसे प्रकरणों को निपटारा कर राजस्व के मामलों से परेशान शहरी एवं ग्रामीणों लोगो को तहसीलदार द्वारा राहत पहुंचाई गई है यह बहुत बड़ी उपलब्धि तहसीलदार राजू पटेल की है ।

ऐसी तहसीलदार के धर्म नगरी डोंगरगढ़ में होने से आमजन में खुशी का माहौल देखा जा सकता है जिनके कारण बहुत लंबे समय से तहसील में अटके प्रकरणों को तहसीलदार द्वारा निपटारा कर लोगों को राजस्व मामलो की पेचीदा उलझनों से मुक्त किया गया है ।


वकीलों के द्वारा भी तहसीलदार राजू पटेल की कार्यप्रणाली को लेकर प्रशंसा की जाती है ।।

6 से 8 महीनों में तहसीलदार राजू पटेल के द्वारा राजस्व के निपटाए गए प्रकरण इस प्रकार हैं -

1/ विवादित नामांतरण के लगभग 578 प्रकरण थे जिसमें से 530 प्रकरणों को पूर्ण कर दिया गया है।

 2/ अविवादित नामांतरण के 801 प्रकरण को पूर्ण रूप से निपटारा किया गया है ।

3/ खसरा/ अभिलेख/ नक्शा में सुधार के 135 मामलों में से 106 मामलों को सुलझाया गया ।

4/ सीमांकन के 336 प्रकरणों में से 324 प्रकरण को पूर्ण किया गया ।

5/ विवादित बटवारा के 187 मामलों में से 161 मामलों को निपटाया गया ।

6/ अविवादित बटवारा के 6 मामले में से 6 मामले को पूर्ण रूप से निपटाया गया ।

7/अतिक्रमण के मामले 164 थे जिनमें से 98 मामलों का निराकरण किया गया ।

8/ अनाधिकृत रूप से बेदखल किए भूमिका पूर्ण स्थापन के 13 प्रकरण में से 9 प्रकरणों को सुलझाया गया ।

9/ कोटवार नियुक्ति के 3 प्रकरण थे जिनमें से सभी 3 प्रकरणों को पूर्ण किया गया ।

10/ शोध क्षमता प्रमाण पत्र के 11 मामले थे जिनमें से सभी मामलों को पूर्ण किया गया ।

12/ साहूकारी लाइसेंस के 8 मामलों में से 8 मामलों को पूर्ण किया गया ।

13/ विविध राजस्व प्रकरण के 517 मामलों में से 465 मामलों को दिशा दी गई ।

14/ आय प्रमाण पत्र लगभग 8 महीनों में 6266 लोगों को बना कर दिया गया ।

15/  8 महीनों के अंदर निवास प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे 2487 लोगों को प्रमाण पत्र बनाकर दिए गए ।

16/ लगभग 4711 अस्थाई जाति प्रमाण पत्र बना कर दिया गया । वही 

17/ लॉकडाउन की अवधि में लगभग 5856 विवाह की अनुमति दी गई ।

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