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तो साहब् ने हाथों में पकड़ा फावड़ा, लग गए मनरेगा मजदूरों संग काम करने, श्रमदान करके मजदूरों का बढ़ाया मनोबल, और कई मनरेगा के तहत संचालित  कार्यो का निरीक्षण किया

तो साहब् ने हाथों में पकड़ा फावड़ा, लग गए मनरेगा मजदूरों संग काम करने, श्रमदान करके मजदूरों का बढ़ाया मनोबल, और कई मनरेगा के तहत संचालित कार्यो का निरीक्षण किया

दीपक कुमार पुड़ो@ 
कांकेर - तपती गर्मी हो और कोई जिले का बड़ा अधिकारी फावड़ा पकड़ कर मनरेगा के मजदूरों संग काम करने लग जाए तो आप क्या कहेंगे जी आपने सही पढ़ा मनरेगा के मजदूरों का मनोबल बढ़ाने के लिए जिला पंचायत सीईओ डॉ संजय कन्नौजे ने आज भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत हरनपुरी में निर्माणाधीन तालाब गहरीकरण कार्य का निरीक्षण किया तथा मजदूरों के साथ स्वंय तालाब गहरीकरण कार्य में फावड़ा थाम कर श्रमदान करके मनरेगा के मजदूरों का मनोबल बढ़ाया। 
जैसे कि आप सब जानते है लॉकडाउन के दौरान मनरेगा के कार्यां में शासन द्वारा दिये गये छूट के फलस्वरूप जिले के सभी 7 विकासखण्डों के ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत विभिन्न कार्य संचालित किये जा रहे है, जिले के 401 ग्राम पंचायतों में 56,275 मजदूरों को मनरेगा में रोजगार मुहैय्या हो रहा है। 
वही सीईओ डॉ. कन्नौजे ने ग्राम पंचायत भैसाकन्हार के आश्रित ग्राम नरसिंहपुर में मनरेगा के तहत संचालित डबरी निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया।निरीक्षण के समय चैतूराम पिता मनबोध के खेत में डबरी निर्माण का कार्य चल रहा था, कृषक को  उन्होंने मछली पालन किये जाने के लिए प्रोत्साहित किया तथा मनरेगा के मजदूरों को सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने व मास्क लगाकर कार्य करने के निर्देश दिये।निरीक्षण के दौरान उन्होेंने मनरेगा श्रमिकों व ग्रामीणों से चर्चा कर ग्राम की समस्याओं जैसे- पेयजल की व्यवस्था, अन्य राज्यों में गये श्रमिक, मनरेगा की मजदूरी भुगतान इत्यादि के संबंध में जानकारी ली।  ग्राम पंचायत भैसाकन्हार में उनके द्वारा मुरहा राम, सुखबत्ती, गायत्री, दया बाई इत्यादि को दाल, चांवल, सब्जी वितरण किया गया। उन्होंने ग्राम नरसिंहपुर व सेलेगांव में निर्मित गोठान व चारागाह का निरीक्षण भी किया, स्वसहायता समूह द्वारा गौठान में उड़द की खेती व वर्मीकम्पोस्ट खाद बनाये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए गोठान को मल्टीएक्टीविटी केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। ग्राम पंचायत के सचिव को 14 वित्त की राशि से गोठान का फेसिंग करने के  निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देशित किया कि अन्य राज्यों में गये श्रमिकों के वापस आने पर उन्हें ग्राम पंचायत में 14 दिनों तक क्वारेंटाइन करने के लिए बस्ती से बाहर स्कूल, सामुदायिक भवन का चिन्हांकन किया जाय तथा प्रवासी मजदूरों के लौटने पर उन्हें चिन्हांकित भवनों में क्वारेंटाइन किया जावे।  

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