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कांकेर वन अमले के लिए आफत बना बाघ कांकेर के आतुरगांव में बाघ के पैर के निशान फिर मिले

कांकेर वन अमले के लिए आफत बना बाघ कांकेर के आतुरगांव में बाघ के पैर के निशान फिर मिले

दीपक कुमार पुड़ो @ 
कांकेर - कांकेर वन अमले के लिए आफत बना हुआ है बाघ बीते कुछ दिनो से लगतार कांकेर जिले की सीमा में घूम रहा है। जिले के चारामा ब्लॉक के मैनखेड़ा, कांटागांव के बाद अब बाघ के पैरों के निशान आतुरगांव में मिले है। जिसकी सूचना गांव के ग्रामीण किसान ने वन विभाग को दी है। हालांकि इस बाघ से कोई जनहानि नहीं हुई है लेकिन उसकी आमद से इलाके में दहशत है।                    
बताया जा रहा है कि ग्राम आतुरगांव के ग्रामीण किसान सुबह खेत जा रहा था  तभी आसपास देखने पर जो निशान मिला वह हैरान करने वाला था। ग्रामीण ने जो निशान देखा वह बाघ के थे जिसकी पुष्टि वन विभाग ने भी की है। वन विभाग का कहना है कि बाघ कुछ दिनों से कांकेर जिले की सीमा में भटक रहा है, जिसे अभी तक किसी ने नहीं देखा है, लेकिन पंजों के जो निशान बीते कुछ दिनों से अलग-अलग इलाकों से मिले हैं, वह बाघ के ही हैं। वही जंगल मे लगाए गए कैमरे मे भी नही हो रहा कैद, इसके अलावा विभाग द्वारा ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर नहीं जाने सहित अन्य चेतावनी दी है। क्षेत्र के सभी वन कर्मी अपनी नजर बाघ पर लगातार बनाए हुए है।

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